लखनऊ सुपर जाएंट्स के तेज गेंदबाज मयंक यादव रातों-रात हीरो बन गए हैं। 21 वर्षीय मयंक की तेज गेंदबाजी ने क्रिकेट प्रेमियों को दीवाना बना दिया है। एकाएक मयंक को लेकर गूगल सर्च बढ़ गई है, क्योंकि उनके विषय में खास जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सभी को मयंक यादव (Mayank Yadav) को लेकर केवल इतनी जानकारी मिल रही है कि वो दिल्ली के रहने वाले हैं और साधारण परिवार से हैं। कमाल की बात यह है कि इस प्रतिभावान क्रिकेटर को आईपीएल-2022 में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने बेस प्राइस 20 लाख रुपए में खरीदा था और पहला सीजन उन्होंने बेंच पर बैठकर गुजार दिया। दूसरे सीजन में घुटने की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया और वो एक मैच भी नहीं खेल पाए। अपने तीसरे सीजन में जैसे ही मयंक यादव को मैदान पर उतरने का मौका मिला, उन्होंने बता दिया कि वो कितने प्रभावशाली क्रिकेटर हैं.
अपने आईपीएल करियर के पहले ही मैच में मयंक यादव ने चार ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट ले लिए और हीरो बन गए। मयंक ने सीजन की सबसे तेज गेंज 155.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी. उन्होंने पंजाब किंग्स के टॉप आर्डर के बल्लेबाज बेयरस्टो, प्रभसिमरन सिंह और जितेश शर्मा का विकेट लिया, अपनी टीम को मैच में लौटाया। मयंक यादव के चार ओवरों में मात्र 3 चौके और एक छक्का ही लगा। दो सीजन से एक भी मैच नहीं खेल पाए मयंक यादव अपने पहले मैच में थोड़े नर्वस थे, लेकिन मैच के बाद उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने पहली गेंद फेंकी, सारी परेशानियां छूमंतर हो गईं।
नॉर्थ जोन के लिए खेल चुके हैं मयंक
उनके बारे में इंटरनेट पर केवल इतनी जानकारी उपलब्ध है कि उन्होंने नॉर्थ जोन के लिए 50 ओवर की देवधर ट्रॉफी में अच्छे बल्लेबाज राहुल त्रिपाठी के मिडिल स्टंप को उखाड़ फेंका था। मयंक यादव ने लिस्ट-ए के अब तक 17 मैच खेलकर 34 विकेट लिए हैं.
दिल्ली में जन्मे मयंक यादव ने मैच आफ द मैच मिलने के बाद कहा कि मेरी कोशिश यही थी कि बहुत अधिक प्रेशर में ना आऊं। स्टंप्स पर गेंदबाजी करूं। गति का अधिक से अधिक इस्तेमाल करूं.
पंजाब किंग्स के कप्तान शिखर धवन भी मयंक की तारीफ किए बगैर नहीं रह सके। शिखर ने कहा कि मयंक की तेज गेंदों ने हमें चौंका दिया।
कभी भारत को स्पिन गेंदबाजों के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले डेढ़ दशक में भारत से तेज गेंदबाज भी निकल रहे हैं। जसप्रीत बुमराह, मो. सिराज, मो.शामी जैसे गेंदबाजों ने भारत की तेज गेंदबाजी को एक नई ऊंचाई दी। अब मयंक यादव जैसे युवा गेंदबाज इसे आगे ले जाने को आतुर दिखते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को एक और गतिशील गेंदबाज मिल गया है।
यदि मयंक यादव (Mayank Yadav) आगामी मैचों में ऐसा ही प्रदर्शन करते रहे, तो उन्हें नजरअंदाज करना बहुत मुश्किल होगा। मयंक को ध्यान से खेलना होगा और चोटों से बचना होगा, क्योंकि वह चोट के कारण एक आईपीएल सीजन गंवा चुके हैं।बहुत संभव है कि इस अनजान, लेकिन प्रतिभावान खिलाड़ी को बहुत जल्द क्रिकेटप्रेमी नीली जर्सी में देखें।
