Raj Kundra Bitcoin Scam : शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। इस बार मामला वीडियो का नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे महंगी वर्चुअल करेंसी यानी बिटकॉइन से जुड़े एक बहुत बड़े घोटाले का है। मुंबई की एक विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज कुंद्रा को समन जारी कर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को और वो 285 बिटकॉइन की कहानी, जिसने राज कुंद्रा की रातों की नींद उड़ा दी है।
क्या है ‘गेन बिटकॉइन’ घोटाला
यह पूरा मामला कुख्यात ‘गेन बिटकॉइन पोंजी स्कैम’ से जुड़ा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज था। आरोप है कि अमित भारद्वाज ने यूक्रेन में एक बिटकॉइन माइनिंग फार्म (जहां बिटकॉइन बनाए जाते हैं) स्थापित करने के नाम पर राज कुंद्रा से हाथ मिलाया था। इस प्रोजेक्ट के लिए अमित ने राज कुंद्रा को 285 बिटकॉइन दिए थे। आज के बाजार भाव के हिसाब से इन 285 बिटकॉइन की कीमत 150 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है। ED का दावा है कि वह माइनिंग प्रोजेक्ट कभी शुरू ही नहीं हुआ और वे कीमती बिटकॉइन आज भी राज कुंद्रा के पास ही हैं।
ED ने दायर की चार्जशीट
ED ने सितंबर 2025 में इस मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में राज कुंद्रा और दुबई के कारोबारी राजेश सतीजा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान कुंद्रा ने खुद को इस डील में सिर्फ एक मेडिएटर बताया था, लेकिन ED ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
पुख्ता दस्तावेज की कमी
राज कुंद्रा यह साबित नहीं कर पाए कि वे सिर्फ बिचौलिया थे। ‘टर्म शीट’ नाम के समझौते से यह साफ होता है कि सौदा सीधे राज और अमित भारद्वाज के बीच था। ED का कहना है कि 7 साल बीत जाने के बाद भी राज कुंद्रा को किस्तों में मिले बिटकॉइन की सटीक संख्या याद है। यह तभी मुमकिन है जब कोई व्यक्ति खुद उस पैसे का असली हकदार हो।
सबूत मिटाने की साजिश
इस केस में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब ED ने राज कुंद्रा से उन डिजिटल वॉलेट्स के एड्रेस मांगे, जहां बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे। कुंद्रा ने जवाब दिया कि उनका iPhone X खराब हो चुका है, इसलिए उनके पास वो जानकारी नहीं है। एजेंसी का आरोप है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि जानबूझकर सबूतों को डिलीज करने और इसकी कमाई को छिपाने की एक सोची-समझी कोशिश है। राज कुंद्रा को 2018 से अब तक कई मौके दिए गए, लेकिन वे वॉलेट एड्रेस देने में नाकाम रहे।
अब आगे क्या?
विशेष कोर्ट द्वारा समन जारी होने के बाद अब राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को व्यक्तिगत रूप से अदालत के सामने पेश होना होगा। अगर वे अपनी बेगुनाही के सबूत नहीं दे पाए, तो उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कड़ा मुकदमा चलेगा, जिसमें जेल की सजा और करोड़ों की संपत्ति जब्त होने का प्रावधान है।
