Rohit Shetty House Firing Case : बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में अब इस मामले के पीछे अंतर्राष्ट्रीय साजिश के संकेत मिले है। इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
शुरुआती जांच में ये क्लियर हुआ है कि इस हमले को अंजाम देने के पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है, जिसके तार देश की सीमाओं के पार तक फैले हुए हैं। जांच में सबसे बड़ा खुलासा शूटर्स को दी गई रकम को लेकर हुआ है पुलिस के अनुसार, फायरिंग करने वाले आरोपियों को सीधे बैंक खातों के जरिए पैसे पहुंचाए गए थे।
इस लेन-देन के लिए एटीएम के जरिए कैश ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल किया गया ताकि किसी को शक न हो। आरोपियों के खातों में यह रकम किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जमा कराई गई थी। अब पुलिस इस ‘मनी ट्रेल’ के जरिए उस चेहरे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने पर्दे के पीछे से पूरी फंडिंग संभाली।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब फंडिंग के तार नेपाल से जुड़े होने के सुराग मिले। क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वारदात को अंजाम देने वाले ‘आगरा मॉड्यूल’ के शूटर्स को नेपाल से फंडिंग की गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसों के लेन-देन के संकेत मिलने के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय गैंग या अंडरवर्ल्ड का हाथ है।
गौरतलब है कि 31 जनवरी को फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू वाले घर पर पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। बहादुरगढ़ में STF यूनिट ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे की जांच जारी है।
