Saif Ali Khan : बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान और उनके परिवार को एक बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें सैफ ने अपनी पैतृक संपत्ति को ‘एनिमी प्रॉपर्टी’ घोषित किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।
मामले में 25 साल पुराना ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया गया है और अब कोर्ट ने नए सिरे से जांच शुरू करने का आदेश दिया है, जिसे एक साल के अंदर पूरा करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद, सैफ अली खान की कई प्रॉपर्टीज अब सरकार के कंट्रोल में आ गई हैं। इन प्रॉपर्टी में शामिल हैं- फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-उस-सबा पैलेस, दार-उस-सलाम, हबीबी का बंगला, अहमदाबाद पैलेस, कोहेफिजा की प्रॉपर्टी।
शत्रु संपत्ति अधिनियम (Enemy Property Act) के तहत, उन संपत्तियों पर भारत सरकार का अधिकार होता है जिनके मालिक भारत-पाक बंटवारे के बाद पाकिस्तान या चीन चले गए थे। कोर्ट के मुताबिक, सैफ की परदादी साजिदा बेगम को यह प्रॉपर्टी नवाब हमीदुल्ला खान की पहली पत्नी की बेटी के रूप में सौंपी गई थी।
नवाब हमीदुल्ला खान की 1960 में मृत्यु के बाद उनके वारिसों ने संपत्ति के बंटवारे की मांग की थी। 1999 में एक याचिका ट्रायल कोर्ट में दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने उस वक्त साजिदा बेगम के हक में फैसला सुनाया था। अब, हाईकोर्ट ने उस पुराने फैसले को पलट दिया है और फिर से केस की सुनवाई के आदेश दिए हैं।
इस फैसले के बाद सैफ अली खान के परिवार को फिर से कोर्ट में इस मामले का सामना करना पड़ेगा। चूंकि कोर्ट ने एक साल के अंदर जांच पूरी करने को कहा है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस शाही संपत्ति विवाद का क्या नतीजा निकलता है।
