KRK Oshiwara Firing Case : ओशिवारा फायरिंग मामले में अंधेरी की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक्टर कमाल राशिद खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ के दौरान खान ने गोली चलाने की बात मान ली है।
इस मामले के बाद वर्सोवा पुलिस ने खान के हथियार लाइसेंस को रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खान के पास 7.76 एमएम की जर्मन मेड माउजर पिस्टल थी। इससे जुड़े सभी कागजात पुलिस कमिश्नर के दफ्तर भेज दिए गए हैं। वहीं, खान की वकील सना खान ने जमानत के लिए अर्जी लगाई है, जिस पर कोर्ट में सुनवाई होनी है।
बची हुई गोलियों को लेकर जांच
पुलिस का कहना है कि इस केस में अभी कुछ अहम गोलियां बरामद होना बाकी हैं। जांच अधिकारी के मुताबिक, दो गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन पुलिस को अब तक सिर्फ एक खाली कारतूस ही मिला है। पुलिस ने बताया कि लाइसेंसी पिस्टल में सात गोलियां आती हैं और बाकी गोलियों का अभी पता नहीं चल पाया है।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, खान ने कहा है कि जमानत मिलने के बाद वह बाकी गोलियां पुलिस को सौंप देंगे। उनका दावा है कि वे गोलियां उनके भाई के पास उत्तर प्रदेश में रखी हैं।
कोर्ट ने उठाए सवाल
जब कोर्ट को बताया गया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, तो जज ने सवाल किया कि फिर पुलिस हिरासत की जरूरत क्यों है। कोर्ट ने फायरिंग की जगह और शिकायतकर्ता के घर के बीच की दूरी को लेकर भी जानकारी मांगी। पुलिस ने दूरी 400 से 500 मीटर बताई, जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि यह दूरी करीब एक किलोमीटर है। इस पर सवाल उठाया गया कि क्या गोली इतनी दूर तक जा सकती है, जिस पर पुलिस ने कहा कि यह संभव है।
जमानत पर बचाव पक्ष की दलील
खान की वकील सना खान ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई, क्योंकि पहले नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस पहले ही हथियार जब्त कर चुकी है और मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। वकील का कहना था कि यह मामला ज्यादातर गोला-बारूद के रिकॉर्ड से जुड़ी चूक का है, जो आर्म्स एक्ट के तहत एक छोटा अपराध माना जाता है और इसमें जुर्माना या छह महीने तक की सजा का प्रावधान है।
AI तकनीक से जांच का दावा
पुलिस के मुताबिक, 18 जनवरी को नालंदा बिल्डिंग में रहने वाले स्क्रीनराइटर नीरज मिश्रा और मॉडल प्रतीक बैद के फ्लैट के अंदर दीवार और अलमारी में दो गोलियां फंसी हुई मिली थीं। यह जगह खान के बंगले से करीब 300 मीटर दूर है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान AI तकनीक की मदद से गोली की दिशा और आवाज का विश्लेषण किया गया, जिससे यह पता चला कि फायरिंग खान के हथियार से ही हुई थी।
